मेरी अधूरी अन्तर्वासना

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Antarvasna sex stories desi chudai kahani हेलो दोस्तों, आप सब लोगो को काम रस हिंदी डॉट कम साईट पे स्वागत है . मेरा नाम शीतल है और मैं रेल में नौकरी करती हु.मई एक दिवोर्से महिला हु. मेरे पति जब मुझे छोड़ के गये तब मैं ५० की हो गयी थी और मेरे दो बच्चे भी बड़े हो गया था. वो लोग अपनी – अपनी जॉब पर रहते थे और मैं अकेले ही अपने घर रह गयी थी. मेरे बच्चो ने मुझे कई बार बुलाया और मैं गयी भी. लेकिन वहां मेरा मन नहीं लगा, तो मैं वापस अपने घर आ जाती थी. यहाँ मेरा दिन तो पास हो जाता था. पडोसी थे और रिश्तेदार भी थे.कुछ समय पति के बाद तो कट गया. मन को भी समझा लिया था. लेकिन शरीर की भूख का क्या? कभी – कभी जब ज्यादा लगती थी, तो अपनी ऊँगली से अपने आप को शांत कर लिया करती थी. इसी बीच मुझे सेक्सी कहानिया पढ़ने का शौक लग गया और मैंने सेक्सी कहानिया पढनी शुरू कर दी. अब तो काफी साल हो गये और आज मन किया, कि अपनी आपबीती भी आप लोगो के साथ शेयर करू.अप ये स्टोरी कामरस हिंदी डॉट कम पे पढ़ रहे है .

बात ज्यादा पुरानी नहीं है. कुछ ही महीनो पुरानी है. मेरे बेटे के एक दोस्त ने मेरे शहर में जॉब कर ली. उसका इस शहर में कोई नहीं था. तो मेरे बेटे ने उसे हमारे घर में रहने की सलाह दी. उसने कहा – दोस्त को अच्छा घर और अच्छा खाना मिल जाएगा और माँ को देखभाल करने वाला. विचार तो अच्छा था, लेकिन कुछ ऐसा हुआ. जिसका अंदाज़ा मुझे नहीं था.उसका नाम सुशिल था,नाम तो सुशिल था पर काम उससे बोहोत गुना बदके था . सुशिल मेरे बेटे से कुछ साल छोटा था. कुछ ही टाइम में वो हमारे घर में घुल मिल गया था और मुझे उसकी काफी हेल्प मिलने लगी थी. एक बार उसकी तबियत ठीक नहीं थी. तो वो जल्दी आ गया था और दवाई लेकर अपने कमरे में सो गया.

मैं उस समय सेक्सी स्टोरी पड़ रही थी. मुझे लगा कि सुशिल सो रहा है. तो मैंने अपने सारे कपड़े उतार दिए थे और अपनी चूत में ऊँगली करने लगी थी.मेरे मुह से कामुक सिसकिया निकल रही थी. मैंने अपनी आवाज़ को दबाया हुआ था, क्योंकि सुशिल घर में थे. मेरा घर का दरवाजा हलके से बन्ध किया था , लॉक नहीं किया हुआ था. मैं दिवार के सहारे से बैठी थी और मेरी चूत के अन्दर मेरी उंगलिया फशा रखही थी. मेरा हाथ बहुत तेज चल रहा था और मैं मस्ती भरी सिस्कारिया ले रही थी. मुझे पता ही नहीं चला, कि दरवाजे पर सुशिल  कब आकर खड़ा हो गया था.

कुछ देर के बाद अचानक से मेरी नज़र दरवाजे पर खड़े सुशिल पर पड़ी, तो मैं देखती ही रह गयी. सुशिल ने अपने सारे कपड़े उतार दिए थे और वो नंगा खड़ा हुआ, अपने लंड को जोर जोर से मसल रहा था. हम दोनों अगले  कुछ मिनट तक एक दुसरे को देखते रहे. मेरी उंगलिया अभी भी चूत में फशा हुआ था .सुशिल को शायद तेज सेक्स की भूख थी या मुझे देख कर लग गयी थी. वो मेरे पास आया और बैठ गया, लेकिन उसने मुझे छुया भी नहीं. सिर्फ मुझे देख कर अपने लंड को सहला रहा था. वैसे भी दोस्तों, 45  के ऊपर होने के बाद भी मेरी कामुकता में कोई आंच नहीं आई थी. मेरे बूब्स 36  के है और गांड 34 की. किसी भी उम्र के मर्द का लंड मुझे देख कर खड़ा हो जाता है और वो मन ही मन में मुझे पता नहीं कितनी बाद चोद डालते है.अप ये स्टोरी कामरस हिंदी डॉट कम पे पढ़ रहे है .

दोस्तों पहले तो में उसके यह सब मेरे साथ करने से बहुत शरमाई, लेकिन फिर सोचा अन्दर भूख है शर्माने से फैयदा क्या है .अब में उस के लंड को देखकर और अपनी तड़पती हुई चूत को शांत करने के लिए मैंने अपनी शर्म को छोड़कर तुरंत उसका लंड अपने हाथो में ले ली ,उसका लैंड देख के लग रहा था की पूरा वर्जिन लंड है ,अभी तक किसी के अन्दर नहीं डाला है ,मई उसका मोटा काले लंड का मज़ा लेने लगी.

फिर मैंने उस लंड को  लेके करीब दस मिनट तक चूस रही थी  और मुझे यह सब करने में बहुत मज़ा आ रहा था और मेरी चूत धीरे धीरे और भी कामुक हुई जा रही थी. फिर उसके बाद मैंने बिस्तरपे  खड़े होकर अपनी पेंटी उतार दिया और अब मेरी एकदम गीली चूत और बड़े बड़े बूब्स सुशिल के सामने आ गये थे. दोस्तों फिर वो मेरी चूत में अपनी पूरी जीभ को डाल रहा था और मेरे दाने को चूस रहा था जिसकी वजह से मुझे हल्का मीठा मीठा सा दर्द हो रहा था और में आअहह आईईई उफ्फ्फ्फफ्फ्फ्फ़ कर रही थी. में पूरे जोश से सिसकियाँ ले रही थी और उसके सर को अपनी चूत के मुहं पर दबा रही थी और अपनी कमर को बेड से ऊँचा उठाकर उसकी जीभ को अपनी चूत की गहराई में घुसाने की नाकाम कोशिश कर रही थी. तो कुछ देर के बाद वो मेरे ऊपर आ गया और मुझे किस करने लगा और उसके बाद वो मुझसे बोला कि में अब उसका लंड चूसू.अप ये स्टोरी कामरस हिंदी डॉट कम पे पढ़ रहे है .

सुशिल मेरी चूत को सहलाकर मेरे जिस्म को गरम कर रहा था. फिर मैंने सही मौका देककर उसको एक धक्का मारकर थोड़ा पीछे हट गई. उसने मेरा हाथ पकड़कर ज़ोर से खींचा और मुझे उसने एक बार फिर से दीवार से चिपका दिया और मेरे गले पर किस करने लगा और वो मेरी चूत पर उंगली घुमा रहा था. फिर कुछ देर चुम्मा चाटी, चूत को सहलाने, बूब्स को दबाने निचोड़ने के बाद उसने मुझे बेड पर लेटा दिया और अब वो मेरे ऊपर लेट गया और वो मुझसे में तुमसे बहुत प्यार करता हूँ कहकर मुझे फिर से स्मूच करने लगा उसने अब मुझे उल्टा लेटने को कहा और मेरी बूब्स पर किस करने लगा .अब में अपने नंगे बदन को लेकर सुशिल से लिपट गयी और तब सुशिल ने मेरी तरफ इशारा किया और जिसको में समझ गई और जैसे ही में अपनी पीठ को उसकी तरफ करके उसके लंड पर बैठने के लिए उसके पास गई तो उसने अपना 9  इंच का लंड मेरी गांड में घुसा दिया और मेरी चीख निकल गई और जिसकी वजह से मुझे बहुत दर्द हुआ और में तड़पने लगी.

फिर कुछ देर बाद सुशिल ने मुझे ज़मीन पर डॉगी स्टाईल में बैठा दिया और सुशिल ने पीछे से मेरी चूत में लंड घुसाया अब मुझे अपनी इस तरह से चुदाई होते देख बिल्कुल एक रंडी जैसा महसूस हो रहा था.फिर कुछ देर बाद अब धीरे धीरे मुझे बड़े लंड की आदत हो गई. उसने  मेरी चूत से अपना लंड निकला और मुझे उसका लंड चूसने को कहा, दोस्तों मैंने सुना था कि लंड चूसने में बहुत मज़ा आता है तो में उसका लंड मुहं में लेकर चूसने लगी, लेकिन यह सब मेरा पहली बार था ,क्यों की पति के साथ ये सब करने का मौका मुझे कभी मिला नहीं था .तो मुझे कुछ अजीब सा भी लग रहा था और थोड़ी देर मैंने उसका लंड चूसा तो वो पागल सा होने लगा और वो मेरे मुहं में ही झड़ गया और उसने अपना पूरा गरम गरम वीर्य मुझे पिला दिया और में पी गई, लेकिन मुझे उसका स्वाद कुछ नमकीन सा लग रहा था.अप ये स्टोरी कामरस हिंदी डॉट कम पे पढ़ रहे है .

उसने बोला ,आंटी आप मुझे बोहोत अच्छी लगती हो ,मन करता है की आप से शादी कर लू ,और आपको मई अपना रखेल बना लू .

फिर थोड़ी देर किस करने के बाद में फिर से उसका लंड मुहं में लेकर चूसने लगी और फिर वो गरम हो गया और मुझे उसका पूरा लंड मुहं में डालना बहुत मुश्किल हो गया.उसने मुझे बेड पर लेटा दिया और चूत के मुहं पर लंड रख दिया और एक ज़ोर का झटका मारा तो लंड एकदम से फिसलकर रह गया. फिर मैंने लंड को अपने एक हाथ से पकड़कर चूत के मुहं पर रखा और उसे धक्का देने का इशारा किया और फिर उसने एक दमदार धक्का दिया और लंड सरकता हुआ अंदर चला गया.

मुझे बहुत ज़ोर से दर्द हुआ और में चिल्ला गई ऊईईईईई माँ थोड़ा धीरे अह्ह्हह्ह्ह्हह्ह प्लीज धीरे करो सुशिल . फिर उसने दूसरा झटका मारा तो आधा लंड मेरी चूत में चला गया और में ज़ोर से चिल्लाई आईईईईइ प्लीज थोड़ा धीरे धीरे कर सुशिल ,मेरा चूत को आज भोसदा बनाने का इरादा है क्या? तो वो मेरे ऊपर आ गया और मेरे होंठ को चूसने लगा और फिर एक और ज़ोर से झटका मारा जिससे पूरा का पूरा लंड मेरी चूत को फाड़कर मेरी चूत में समा गया और मेरी चूत से खून निकलने लगा और में दर्द से चिल्लाने लगी और वो मेरी चूत को फड़ता हुआ लगातार धक्के देकर चोद रहा था और में दर्द की वजह से रोने लगी, लेकिन वो मुझे अनसुना करता हुआ चोदे जा रहा था और फिर थोड़ी देर चुदाई के बाद वो झड़ने वाला था.

फिर उसने  लंड को मेरे मुहं में डाल दिया और मेरे मुहं को चोदने लगा और फिर थोड़ी देर के बाद उसने मेरे पूरे चेहरे और बूब्स पर अपना वीर्य गिरा दिया और थोड़े देर के बाद मुझसे अपना लंड चुसवाकर साफ कर दिया और उसने मेरी चूत को अपनी जीभ से चाटकर साफ किया और मुझे बाथरूम में ले जाकर नहलाया और मेरे सेक्सी जिस्म को साफ किया.

फिर में और वो वहीं बेड पर लेट गये, उसके बाद में उसका लंड पकड़कर हिलाने लगी तो वो भी कुछ देर बाद फिर से अपना रंग दिखाने लगा और वो फिर से खड़ा हो गया और राज भी मुझे देखकर हंसकर मेरे बूब्स देखने लगा, दबाने लगा और वो मुझे फिर से चुदाई के लिए किस करके तैयार करने लगा और फिर में भी गरम होने लगी. में उठी और उसके लंड को अपने मुहं में लेकर चूसने लगी और वो मेरे बालों को पकड़कर लंड को ज़ोर से धक्के देकर गले तक डालने लगा, जिसकी वजह से मेरी आंख से आंसू बाहर आने लगे और मेरी सांसे ऊपर नीचे होने लगी. फिर वो एकदम से उठकर खड़ा हुआ और मेरी गांड को चाटने लगा. मैंने उसकी तरफ देखा और में उसे मना करने लगी, लेकिन वो नहीं माना और वो मेरी गांड को चाट रहा था और थोड़ी देर गांड चूसने के बाद उसने अपनी एक उंगली को मेरी गांड में डाल दिया तो में एकदम ज़ोर से चीखने, चिल्लाने, आह्ह्ह्हह्ह उह्ह्ह्हह्ह्ह्ह प्लीज बाहर निकालो आईईईईई मुझे बहुत दर्द हो रहा है प्लीज ऐसा मत करो, मैंने कभी भी ऐसा नहीं किया प्लीज छोड़ दो मुझे.अप ये स्टोरी कामरस हिंदी डॉट कम पे पढ़ रहे है .

मेरे यह सब कहने से उसको जैसे बहुत मज़ा आया. फिर वो वैसे ही और भी ज़ोर ज़ोर से अपनी उंगली को डालकर अंदर बाहर करने लगा और फिर थोड़ी देर गरम होने के बाद उसने अपने लंड पर कंडोम लगाकर लंड गांड पर टिका दिया और चुदने के लिए मुझे तैयार किया. फिर में घोड़ी बन गई और उसने लंड को मेरी गांड में डालने के लिए एकदम तैयार कर दिया और फिर उसने एक जोरदार धक्का मारकर लंड को गांड में डाल दिया, में चिल्लाने लगी तो उसने एक और झटका मारा और उसका आधा लंड मेरी गांड में घुस गया और फिर एक झटका दिया तो पूरा का पूरा लंड गांड के अंदर रगड़ खाता हुआ चला गया.फिर मैंने उसको रुकने के लिए कहा तो वो थोड़ा रुक गया और वो अब मेरे बूब्स को दबाने लगा और मेरी चूत को सहलाने लगा. फिर में भी थोड़ी देर के बाद अपनी गांड हिलाने लगी, अब वो समाझ गया कि अब में तैयार हूँ और वो अब ज़ोर ज़ोर से धक्के देकर मेरी गांड मारने लगा और में आह्ह्ह्ह उह्ह्ह्ह माँ थोड़ा धीरे आईईईई कर रही थी और वो ज़ोर ज़ोर से चुदाई कर रहा था. फिर कुछ देर बाद मैंने कहा कि हाँ और ज़ोर से करो हाँ और ज़ोर से. अब वो अपनी स्पीड को बडाकर और ज़ोर से धक्के देकर चोदने लगा और करीब 15-20 मिनट के बाद वो झड़ने लगा. उसने अपना पूरा वीर्य कंडोम में ही निकाल दिया.

अप ये स्टोरी कामरस हिंदी डॉट कम पे पढ़ रहे है .फिर मैंने उसके कंडोम को उतारा और फिर उसने अपना लंड मेरी मुहं में डाल दिया. मुझे भी मज़ा आ रहा था, मैंने भी करीब 5 मिनट तक लंड चूसा और लंड चूसने के बाद में उठ गई और हम दोनों लेट गए.फिर थोड़ी देर आराम करने के बाद सुशिल उठे और अपने कमरे में चला गया , लेकिन अब मुझसे ठीक तरह से चला नहीं जा रहा था क्योंकि आज मेरी चूत और गांड दोनों ही चुदाई की वजह से बहुत दर्द कर रही थी. सुबह जब में उठी तो सुशिल ने मुझसे पूछा कि मेरी तबीयत कैसी है, क्या दर्द हो रहा है?

फिर वोह मुझे खाना बना के खिलाया और खुद ऑफिस चला गया.उसदिन मई ऑफिस जा नहीं पाया था .सुशिल ने फिर रात को मेरे साथ सोने के लिए तैयार हो गया था पर मुझे रेस्ट चाहिए था ,सुशिल थोडा सा गुस्सा हो गया था ,पर मैंने उससे प्रॉमिस किया ,की मई कही जा नहीं रहा हु .इसीलिए वोह जब भी चाहेगा तब भी उसे करने दूंगा .

पर सुशिल के लिए मेरी अधूरी अन्तर्वासना पूरी हुआ .

धन्यबाद ……….

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