पत्नी के बिना उपस्थिति में कामवाली बाई के साथ मदमस्ती

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Hindi sex kahani,antarvasna sex stories हेल्लो दोस्तों ,मेरा नाम सुरेश है.और मई ये sex कहानी काम रस हिंदी डोट कम में बताने जा रहा हु. मेरा उमर ३० साल है ,मई शादी शुदा हु. मेरी पत्नी की उमर 28 साल है. रुचिता (हमारे घर की नौकरानी )26 साल की है. वो हमारे घर 23 साल की उमर से ही काम करती है. रुचिता जब जवान हो गयी तो मैं हमेशा उसे चोदने का ख्वाब देखा करता था. वो अभी तक कुँवारी थी. घर में केवल दो ही रूम हैं. एक रूम में मई और मेरा पत्नी और दूसरे में रुचिता सोता था. रुचिता रूम में सोफे पर सो जाती है. कुछ दिन पहले मेरी पत्नी  6 दीनो के लिए माइका चली गयी. घर पर केवल मैं और रुचिता ही रह गये. मौका अच्च्छा था. मैने रुचिता को चोदने का प्लान बनाया. सुबह के 9 बजे मैं नहाने के लिए बाथरूम में गया.

मैने अपने सारे बदन पर खूब साबुन लगाया और जब मेरा ६१/2 इंच का लंड एक दम खड़ा हो गया तो मैं बचाओ बचाओ की आवाज़ करता हुआ एक दम नंगा ही बाथरूम से बाहर आ गया.रुचिता किचन में चाय बना रही थी. वो जानती थी की मुझे छिपकली से बहुत डर लगता है. वो दौड़ कर मेरे पास आई तो उसने मुझे एक दम नंगा देखा. उसने अपना एक हाथ अपने होठों पर रख लिया और दूसरे हाथ से मेरी तरफ इशारा करते हुए ज़ोर ज़ोर से हसने लगी. वो बहुत देर तक हस्ती रही. मैं जनता था की वो मेरे लंड की तरफ इशारा करते हुए हस रही है, क्यों की मैने कुछ भी नहीं पहन रखी थी. मेरे लंड पर ढेर सारा साबुन लगा हुआ था. मैने अंजान बनते हुए कहा, क्या हुआ, तू इतना क्यों हस रही है. वो बोली, तुम तो एक दम नंगा हो. तुम ने चड्डी भी नहीं पहनी है. मैं तो जान बुझ कर बाथरूम से नंगा ही बाहर आया था लेकिन उसे दिखाने के लिए मैने अपने हाथो से अपना लंड ढक लिया. रुचिता बोली क्या हुआ, क्यों चिल्ला रहे थे, छिपकली था क्या. मैने कहा हां. वो बाथरूम में गयी और लौट कर आई तो बोली वहाँ तो कुछ भी नहीं है. मैं उसका हाथ पकड़ कर बाथरूम में ले जाने लगा तो वो शरमाती हुई मेरे साथ बाथरूम में गयी. मैने बाथरूम में के कोने की तरफ इशारा करते हुए कहा, यहीं पर छिपकली था.

वो बोली अब तो नहीं है. मैने कहा, भाग गया होगा. वो बोली, तुम नहा लो, तब तक मैं चाय बनती हूँ. उसके बाद वो किचन में चली गयी. मैं जान बूझ कर बाथरूम में टॉवल और चड्डी नहीं ले गया था. सारे बदन का साबुन धुलने के बाद मैने उसे फिर से पुकारा तो वो दौड़ कर आई और बोली, अब क्या हुआ. मैने कहा, टॉवेल दे दो. मेरा लंड अभी तक खड़ा था और अब उस पर साबुन भी नहीं लगा हुआ था. उसकी निगाह फिर मेरे लंड पर पड़ी और वो शरमाते हुए टॉवेल लेने चली गयी. उसने टॉवेल लाकर मुझे दी और किचन में भाग गयी. सब कुछ मेरे प्लान के मुताबिक चल रहा था. मैने टॉवेल से अपना ससरा बदन सॉफ किया लेकिन जान बूझ कर टॉवेल नहीं पहना. मैने रुचिता को फिर से पुकारा तो वो दौड़ कर आई और बोली अब क्या है. तुम बहुत परेशान कर रहे हो. उसकी निगाह मेरे लंड पर थी जो की अभी तक खड़ा था. मैने कहा, मैं चड्डी भी भूल गया हूँ, वोह ला दो. वो चड्डी लाने चली गयी. उसने मुझे चड्डी ला कर दी और खड़ी हो कर ध्यान से मेरे लंड को देखती रही. उसकी आँखें गुलाबी सी होने लगी. मैं समझ गया की अब उसे भी कुछ कुछ होने लगा है. मैं चुप चाप खड़ा रहा. थोड़ी देर तक मेरा लंड देखने के बाद वो बोली, और कुछ तो नहीं चाहिए. मैने कहा, नहीं, अब कुछ नहीं चाहिए. वो किचन में चली गयी. मैने चड्डी को थोड़ा सा फाड़ दिया और टॉवेल पहन कर ड्रॉयिंग रूम में आ कर सोफे पर बैठ गया. मेरा लंड अभी तक खड़ा था और टवल के उपर से सॉफ महसूस हो रहा था. वो चाय ले कर आई और उसने चाय टेबल पर रख दी और मेरे सामने वाले सोफे पर बैठ कर चाय बनाने लगी. आप लोग यह कहानी मस्ताराम डॉट नेट पर पढ़ रहे है | उसकी निगाह मेरे लंड पर टिकी हुई थी. उसने मुझे चाय दी और मैं चाय पीने लगा. वो अभी भी मेरे लंड की तरफ ही देख रही थी. चाय ख़तम होने के बाद उसने पूछा तुमने चड्धि क्यों नहीं पहनी. मैने उसे चड्डी दिखाते हुए कहा ये तो फटी हुई है. वो बोली लाओ मैं ठीक कर दूँ. मैने कहा, पहले तुम नहा लो, उसके बाद ठीक कर देना.

वो बोली ठीक है.रुचिता भी च्चिपकली से बहुत डरती थी. जब वो नहाने के लिए बाथरूम में चली गयी तो मैं अपने बेडरूम से एक प्लास्टिक की च्चिपकली ले आया और बाथरूम के दरवाज़े के बाहर खड़ा हो गया. मैने के होल से अंदर देखा तो वो अपने सारे कपड़े उतार कर नहा रही थी. उसका जवान और गोरा बदन देख कर मेरा लंड और ज़्यादा टाइट हो गया. उसकी चूत भी एक दम सॉफ थी और उस पर एक भी बॉल नहीं थे. जब वो अपने बदन पर साबुन लगाने लगी तो मैने दरवाज़े के नीचे से वो च्चिपकली अंदर फेक दी. वो साबुन लगती रही. थोड़ी देर बाद जैसे ही उसकी नज़र च्चिपकली पर पड़ी तो वो चिल्लाते हुए एक दम नंगी ही बाथरूम से बाहर आ गयी. बाथरूम से बाहर आते ही उसने मुझे देखा तो मुझसे एक दम लिपट गयी. उसकी साँसें बहुत तेज चल रही थी. उसके दोनो बूब्स मेरे सीने से सटे हुए थे. उसने मुझे अपनी बाहों में ज़ोर से जाकड़ लिया. मैं उसकी पीठ सहलाने लगा. मेरा टॉवेल खुल कर नीचे गिर चुका था और मेरा लंड उसकी चूत के पास एक दम सटा हुआ था. थोड़ी देर तक वो मुझसे लिपटी रही और मैं उसकी पीठ सहलाता रहा. थोड़ी देर बाद वो थोडा नॉर्मल हुई तो उसे अपने नंगे होने का एहसास हुआ. उसने शरमाते हुए मुझसे कहा, छोड़ दो मुझे. मैने उसे अपनी बाहों में ही जकड़े हुए पूछा, क्यों चिल्ला रही थी. वो बोली, बाथरूम में च्चिपकली थी. मैने उसे अपनी बाहों से आज़ाद कर दिया और उसका हाथ पकड़ कर बाथरूम में ले गया. मैने उस से पूछा, कहाँ है च्चिपकली. उसने एक कोने की तरफ इशारा करते हुए कहा, वहाँ है. च्चिपकली देखते ही वो फिर से मुझसे लिपट गयी. मैं उसकी पीठ को सहलाने लगा और वो मुझसे एक दम चिपकी रही. मेरा लंड उसकी चूत के पास एक दम सटा हुआ था. उसकी साँसें अभी भी बहुत तेज चल रही थी.

फिर उसने मुझे अपने बेडरूम में जाने का इशारा किया. हम दोनों अन्दर जाते ही एक दुसरे से चिपक गये .हम दोनों पुरे नंगे थे और फिर एक दुसरे के सामने खड़े होकर हम एकदूसरे के शरीर को ताड़ रहे थे. वाह… क्या मस्त नज़ारा था.. हम दोनों पूरी तरह से गरम हो चुके थे और फिर हम किस करते हुए बेड पर आ गये. उसने मेरे हाथ पर हाथ रख दिया। इतने से ही मुझे जोश आ गया, मैंने उसके चेहरे को पकड़ कर उसके मोटे और सुन्दर होंठों को अपने मुँह में लेकर जबरदस्त तरीके से चूसने लगा। उन्होंने मुझसे छुट कर कहा- दरवाजा खुला है, कोई देख लेगा।मैंने कहा कोई नहीं है घर पे ,कौन आयेगा इस समय .वोह बोला फिर भी तुम बांध कर दो .

मैंने उठ कर दरवाजा बंद किया और मैं फिर उस को चूमने लगा। हम पागलों की तरह एक-दूसरे को चूम रहे थे। मेरे हाथ उसके मस्त कूल्हों को दबा रहे थे। वो मेरे लण्ड को मसल रही थी.वो तो मेरे लंड को पागलों की तरह चाटने लगी, वो उसे लॉलीपोप की तरह मुँह में चूस रही थी।पहली बार किसी ने इतनी अच्छी तरह मेरे लण्ड को मुँह में लेकर चूसा था, मैं तो जैसे स्वर्ग में था।मैं उसके सर को पकड़ कर जोर-जोर से हिलाने लगा। लगभग दस मिनट बाद मैंने उसकी चूत में ऊँगली डाली, वो बहुत ही गर्म थी, मेरे ऐसा करते ही उसके मुँह से सिसकी निकली- आह ह्ह्ह्हः तेज करो जानू ! मजा आ रहा है ! मैं अपनी अब दो उंगलियाँ तेज़ी से अन्दर-बाहर करने लगा। वो ऊओह्ह्ह वगैरह आवाजें मुँह से निकालने लगी। उसकी आँखें बंद हो गई थी।फिर हम लोग 69 की अवस्था में आ गए, मैंने उसकी चूत को चाटना शुरू किया तो वो तड़प उठी- नहीं समीर ! नहीं ! प्लीज़ अह आआ औऊम्म्म्म ! मैं मर जाऊँगी !और वो मेरे लण्ड को मुँह में लेकर चूसने लगी। बहुत अच्छी खुशबू आ रही थी।

मैंने उससे कहा- अपनी चूत को एकदम साफ़ कर लेना, मुझे तुम्हारी चूत एकदम साफ देखनी है।वो बोली- जब दिल करे, तुम अपने हाथ से इसे साफ़ कर देना, अब तो यह तुम्हारी ही है !और मुस्कुराने लगी। मैंने उसकी गाण्ड में भी एक उंगली डाल दी। वो दर्द से चिंहुक पड़ी, बोली- ऐसा मत करो प्लीज़ ! दर्द होता है।मैंने हंस कर कहा- दर्द में ही तो मज़ा है। अब यह भी तो अब मेरा ही हुआ न?वो बोली- अब तो सब कुछ तुम्हारा है !और हम लोग लगभग 15 मिनट तक एक दूसरे को इसी तरह मज़े देते रहे।इतने में उसकी चूत एक बार पानी भी छोड़ गई। फिर मैंने उसे सीधा कर के लिटाया और उसके होंठो और स्तनों को चूमने लगा। उसके चूचे लाल हो गये थे।

वो बोली- सुरेश जी, अब मुझसे रहा नहीं जा रहा है, प्लीज़ कुछ करो, मैं मर जाऊँगी।फिर मैंने उसकी गाड के नीचे एक तकिया लगाया तो उसकी चूत एकदम ऊपर उठ गई। मैंने प्यार से उस पर हाथ फेरा, वो आ आआ अह हह्ह करने लगी, छोड़ो मुझे जल्दी प्लीज़ छोड़ो आआआहमैं भी पूरा गर्म हो चुका था, मेरे बदन का रोया-रोया खड़ा हो गया था। फिर मैंने अपने लण्ड को उसकी चूत पर रखा और उसने अपनी टांगों को फैला लिया। उसकी चूत काफी कसी हुई लग रही थी। फिर मैंने एक जोर का झटका लगाया, उसके मुँह से चीख निकल गई- आअह्ह्ह्हाअ ! मर गई ! धीरे करो बेटे ! मुफ़्त का माल समझ कर टूट पड़े?मैंने उसके चूचों को मसलना शुरु कर दिया और उसके होंठों को अपने मुंह में ले लिया। वो थोड़ी देर में शांत हो गई।

फिर मैंने एक और झटका मारा, मेरा आधे से अधिक लण्ड उसकी चूत में जा चुका था। वो दर्द से मचल उठी- आअ ह्ह्ह्ह ऊऊ ह्ह्ह्ह ! छोड़ ! दो बाहर निकालो इसे ! हहह !तब एक घंटा तक चोदने के बाद, हम दोनों 69 की पोजीशन में आ गये और मैं उनकी चूत और वो मेरा लंड चूस रहे थे. करीब २ मिनट के बाद, फिर से मैं उनकी चूत के अन्दर अपना लंड डाल कर उन्हें आनंद देने लगा. क्या मज़ा आ रहा था. यारो हम दोनों करीब १० मिनट की घचाघच धकापेल के बाद हम दोनों ही झड़ गए. मैंने उस के मुह में अपना सारा माल निकाल दिया. 

इसी तरह मेरा वाइफ जब माइका चली जाती थी तब लगाता था रुचिता को .रुचिता भी अपनी चूत पे मेरा लंड धरके बेहद खुश थी .धन्यबाद ……

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