डेल्ही वाली भाभी की चूत चुदाई

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Delhi wali bhabhi ki chut chudai…

प्रेषक :अंकित ,antarvasana kahini in hindi

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम अंकित है और हाईट 5 फुट 8 इंच और में रांची से हूँ और मुझे शादीशुदा भाभी की चूत लेने में बहुत मज़ा आता है, क्योंकि इसमें कोई डर नहीं होता और ऐसी भाभी चुदवाने में बहुत मज़ा देती है। अब में आप सबको बोर ना करते हुए सीधा अपनी स्टोरी पर आता हूँ।ये बात आज से 3 महीने पहले की है। में बहुत बीमार हो गया और में अपनी बहन के पास डेल्ही चला गया जो कि डॉक्टर है, वो किसी के घर में किराये पर रहती है। उसके मकान मालिक बहुत ही अच्छे है, लेकिन भाभी बहुत ही हॉट है। मेरी बहन के मकान मालिक के छोटे लड़के का एक्सिडेंट हो गया था और वो 4 महीने से बेड पर ही है और ना ही कुछ बोलता है और ना ही चल सकता है तो अब ऐसे में भाभी बहुत ही दुखी थी और किसी से ज्यादा बात भी नहीं करती थी और जब मेरी बहन  हॉस्पिटल चली जाती तो में रूम में अकेला ही रह जाता था और भाभी मुझे खाने को कुछ ना कुछ दे जाती थी। एक दिन जब वो मुझे जूस देने आई तो मैंने उनकी आँखों में एक अलग सी चमक थी, जैसे कि वो मुझे नंगा देख रही हो।

फिर मैंने भाभी से पूछा कि भाभी क्या बात है? तो उन्होंने कहा कि कुछ नहीं बस ऐसे ही। उस दिन वो मुझसे खुलकर बात करने लग गयी और में उनसे उनकी लाईफ के बारे में पूछने लगा तो वो कुछ दुखी सी हो गयी। फिर मैंने ज़ोर देकर पूछा कि क्या बात है भाभी मुझे नहीं बताओगी? वो पहले तो बहुत मना करती रही, लेकिन फिर बाद में बहुत ज़ोर देने पर उन्होंने बताया कि तुम्हें तो पता ही है कि तुम्हारे भैया का एक्सिडेंट हो गया है और में 4 महीने से तड़प रही हूँ और कोई नहीं है जो मेरी परेशानी को हल कर सके।

फिर मैंने पूछा कि कैसी परेशानी? आप मुझे बताओ, में ज़रूर ठीक करूँगा और मैंने भाभी को मेरी कसम दे दी। अब भाभी तो मानों जैसे अंदर ही अंदर बहुत खुश हो गयी थी, लेकिन उन्होंने मुझे जाहिर नहीं होने दिया और कहने लगी कि तुम्हें तो पता ही है कि एक लड़की को क्या चाहिए होता है? और वो मुझे घुमा फिराकर बताने लगी। फिर अब में भी समझ चुका था कि वो क्या चाहती है? लेकिन में उनके मुँह से ही सुनना चाहता था, तो वो कहने लगी कि मुझे सेक्स किए हुए 4 महीने हो गये है और में घर से बाहर भी कभी नहीं गयी और अब मेरी तड़प भी बहुत ज्यादा बढ़ गयी है, अब तो दिल करता है कि किसी से भी चुदवा लूँ।

फिर जब उन्होंने ऐसा कहा तो मैंने भाभी का हाथ पकड़ लिया और बोला कि भाभी मैंने आपसे वादा  किया था कि में आपकी मदद करूँगा और ऐसा मौका आप मुझे दीजिए। आप ज़िंदगी भर याद रखोगी कि मैंने कैसे आपको खुश किया? फिर अगले दिन मेरी बहन के मकान मालिक का प्लान बना कि वो लोग भैया को दिखाने दिल्ली लेकर जा रहे है और 3-4 दिन में वापस आयेंगे तो अब घर पर में, भाभी और मेरी बहन ही रह गये थे और बाकी सब चले गये, वो सब लोग सुबह चले गये थे और थोड़ी देर के बाद मेरी बहन भी हॉस्पिटल ले लिए निकल गयी। फिर तभी में भाभी के रूम में गया, भाभी मेरा ही इंतजार कर रही थी और मैंने भाभी को ज़ोर से हग किया और किस करने लगा। अब वो तो मुझसे भी ज्यादा जल्दी में थी और बहुत ही खुश थी। दोस्तों ये कहानी आप काम रस हिंदी डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

अब में भाभी को किस करता रहा और उनकी बॉडी पर और उनके बूब्स को दबाता रहा। तभी मैंने भाभी को बेड पर लेटा लिया और उनको बेड पर ही ज़ोर-ज़ोर से किस करता रहा। फिर मैंने धीरे से भाभी का टॉप उतारा और उनकी केप्री भी उतार दी, अब वो सिर्फ़ ब्रा और पेंटी में ही थी। अब वो ब्रा और पेंटी में क्या लग रही थी? बिल्कुल स्वर्ग की अप्सरा लग रही थी। अब उनके 34 साईज़ के बूब्स बाहर आने को उतावाले हो रहे थे और उनकी पेंटी भी गीली हो चुकी थी। फिर मैंने अपने कपड़े उतारे और अब में भी सिर्फ़ अपने शॉर्ट्स में था। फिर में भाभी के बूब्स को उनकी ब्रा के ऊपर से ही किस करने लगा। फिर मैंने भाभी की ब्रा के हुक खोल दिए, वॉवववववववववऊऊ क्या बूब्स थे? में तो बस उसके बूब्स को देखता ही रह गया। फिर मैंने ज़रा भी देर किए बिना भाभी के बूब्स की निपल्स को चूसना स्टार्ट कर दिया और क्या निपल्स थी? और बूब्स तो इतने बड़े थे कि जैसे किसी पॉर्न स्टार के बूब्स हो। अब में तो 15 मिनट तक उनके बूब्स ही चूसता रहा और फिर में धीरे-धीरे उनकी बॉडी पर भी किस करने लगा।

अब में उनकी नाभि पर किस करता-करता उनकी पेंटी के पास आया और उनकी पेंटी उतार दी और वावववववऊऊ क्या स्मेल थी उनकी चूत की? मस्त गीली चूत में। फिर में उनकी चूत पर किस करने लगा और अब में अपनी जीभ से उनकी चूत को चाटने लगा। अब वो बहुत ज्यादा मदहोश होने लगी और कहने लगी कि ऐसा तो तुम्हारे भैया ने कभी मेरे साथ नहीं किया था। फिर मैंने भी भाभी से कहा कि मैंने आपको कहा था कि में आपको ऐसे खुश करूँगा कि आप कभी भी नहीं भूल पाओगी। फिर मैंने अपने शॉर्ट्स भी उतार दिए। अब भाभी मेरे लंड को देखकर डर गयी और कहने लगी कि इतना बड़ा लंड, तुम्हारे भैया का तो इससे आधा ही है, लगता है आज तुम मेरी चूत को फाड़ दोगे। फिर मैंने कहा कि भाभी आप चिंता ना करो, में आज आपको जन्नत की सैर कराऊंगा। अब भाभी ने एक पल भी देर ना करते हुए मेरे लंड को अपने मुँह में डालकर चूसने करने लगी और उनके सक करने से मेरा लंड और कड़क हो गया था।

अब मेरे लंड का पानी निकलने वाला था और मैंने बिना बताए भाभी के मुँह में ही उसको निकाल दिया।  अब भाभी भी उसको जूस की तरह पी गयी। फिर हम दोनों फिर से किस करने लगे और कुछ देर के लिए हम ऐसे चिपक कर लेटे रहे कि हम दोनों के बीच में से हवा भी ना निकल सके। फिर भाभी ने कहा कि अब और मत तड़पाओ बस मेरी आग बुझाओ। फिर मैंने अपना लंड भाभी की चूत पर रखा और ज़ोर से धक्का दिया, लेकिन मेरा लंड पूरा अंदर नहीं गया, क्योंकि भाभी 4 महीने से किसी से नहीं चुदी थी और ऐसा लग रहा था कि जैसे की उनकी चूत बिल्कुल नई है। मैंने फिर से एक ज़ोर का धक्का दिया तो इस बार मेरा पूरा लंड उनकी चूत के अंदर चला गया और भाभी ज़ोर से चिल्लाई और आाऊऊऊऊऊओक्ककचह बहुत ज़ोर से कहा। फिर में अपना लंड अंदर बाहर करने लगा और भाभी और ज़ोर से चिल्लाने लगी। फिर में अपनी स्पीड तेज करके भाभी को किस करने लगा तो अब उनकी आवाज़ आनी भी कुछ कम हुई और उस दिन में भाभी को 30 मिनट तक चोदता रहा और मैंने अपना सारा पानी भाभी की चूत में ही छोड़ दिया।

अब उनको बहुत मज़ा आया और हमारे इस सेक्स में हमें टाईम का पता ही नहीं चला। फिर डोर बेल बजी तो मैंने टाईम देखा तो मेरी बहन के आने का टाईम हो गया था। फिर में अपने रूम में अपने कपड़े लेकर भागा और भाभी भी जल्दी-जल्दी अपने कपड़े पहनकर दरवाजा खोलने चली गयी और हमारा सेक्स बीच में ही छूट गया, लेकिन यह भी ज्यादा देर तक नहीं छूटा और उस रात को हमने पूरी रात चुदाई की, क्योंकि मेरी बहन भाभी के साथ सोने चली गयी और मैंने भाभी को कह दिया था कि बहन के दूध में आज नींद की दवा मिला देना, तो भाभी ने भी ऐसा ही किया और जब मेरी बहन गहरी नींद में सो गयी तो भाभी मेरे रूम में आ गयी।

इस बार वो मेरे रूम में बिना कपड़ो के आ गयी, क्योंकि अब हमें किसी का डर नहीं था और अब में भी अपने कपड़े खोलकर पूरा तैयार था और आते ही भाभी ने मुझे किस करना स्टार्ट किया और हम दोनों ने अपना सेक्स शुरु किया। उस दिन मैंने भाभी को 5 बार चोदा और उनकी 4 महीने से तड़प रही चूत को शांत किया। अब भाभी तो इतनी खुश थी कि वो मुझे छोड़कर जाना ही नहीं चाहती थी और ऐसे ही हमारा यह सिलसिला 4 दिन तक चलता रहा और जो आज तक चल रहा है। अब जब भी में दीदी के पास जाता हूँ तो भाभी की चूत को ज़रूर शांत करता हूँ ।

धन्यबाद …

 

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