मेरी लंड और उसकी चूत

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Hindi sex kahani,kamras kahani हेल्लो दोस्तों,मेरा नाम राहुल हे और में एक कम्पनी में जॉब करता हूँ मेरी अच्छी तन्खवाह हे लेकिन मेंरा घर अब भी सुना सुना हे कोई आ जाए इस जिंदगी में शोर मचाने वाली अगर आप किसी को  जानते हे तो आप मुझे जरुर बताना में शादी करना चाहता हूँ.

पहली बात तो ये हे की दोस्तों में अपने जस्बात और अपने लंड पर काबू नहीं  रख सकता. मेरा लंड दिन में दो से तिन बार मचल मचल उठता हे और रात में तो पूरी रात ये अटेंनसन रहता हे. रात में दो से तिन बार में मुठ मारकर इसको शांत करता हु तभी तो ये थोडा शांत होकर मुझे सोने देता हे वरना सोने ही नहीं देता ये मेरी नींद ही उड़ा देता हे.

दोस्तों में आप सभी के सामने अपनी सेक्स लाइफ खुली कर रहा हूँ में अपनी सेक्सी तमाम रातो की कहानिया आप सभी के सामने रख रहा हूँ मेरी तमाम कहानिया सच्ची और मजेदार हे मुझे आशा हे की आप सभी को मेरी सब कहानिया पसंद आएगी आज की मेरी कहानी कुछ एसी हे.अप ये स्टोरी काम रस हिंदी डोट कम में पढ़ रहे है .

एक दिन में अपनी जॉब पर जा रहा था. की रास्ते में मुझे एक लड़की मिली जो दिखने में बहुत ही खुबसूरत थी और उसके बूब्स बड़े बड़े थे और उसकी गांड भी बहुत बड़ी थी में तो उसकी गांड देखते ही लालच में पड़ गया. में सोच में पड़ गया की में इससे दोस्ती केसे बढ़ाऊ जान पहेचान.

तो मई उसका पीछा लिया और उसके बाद देखा की वोह भी मुझे घुर रहा है ,और मई सोचा की चलो बात बन सकता है ,तो मई जेक उसके पास खारा हो गया और बस के लिए इंतज़ार करने लगा .और मई उसको पूछा की टाइम क्या है और बस निकल गया की नहीं ,तो उसने बार फ्रेंडली तरीके से रिप्लाई दिया ,तो मेरा हिम्मत थोडा सा बढ़ गया ,और बातो बातो में काफी जन पहेचन बढ़ गया .हा मई बताना भूल ही गया की उस लड़की का नाम है सुजाता .

और हम दोनों ने अपने नंबर भी एक्सचेंज किया .इस प्रकार मैं मौके की तालश में था कि कब वो दिन आये, जब मैं उस लड़की को अपने बाहों में भर कर उनकी चूत फाड़ दूँ।आख़िर वो दिन आ ही गया, जब मैं ऑफिस से आकर फ्रेश होने के लिए गया। अचानक मेरे कमरे में आवाज़ आयी – राहुल …राहुल

मैंने कहा – हाँ सुजाता , क्या हुआ?और आयो घर पे बैठो ? उसने कहा – रात को खाना हम एक साथ खायेंगे हमारे घर में  ।

मैंने झट से हाँ कर दिया। उस दिन मेरा मूड भी थोडा ऑफ था ।मैं रात को खाना खाने समय से पहुँच गया। उस समय सुजाता ने काली रंग की नाइटी पहन रखी थीं।ऐसे लग रही थीं की मानो अभी बाहों में भर कर खुब प्यार करूँ।हमने खाना खाया और फिर  टीवी देखने चले गये .

मैंने टीवी चालु किया और सेक्सी मूवी देखने लगा और मेरा लण्ड एकदम तम्बु की तरह तन गया था…अचानक मैंने सुजाता  को आते देखकर, चैनल चेन्ज किया तो सुजाता बोलीं – क्या देख रहे हो?मैंने डरते हुए कहा – कुछ नहीं। लेकिन सुजाता ने टीवी और मेरा तना हुआ तम्बु देख लिया था और सुजाता पास में आकर सोफे पर बैठ गईं और धीरे-धीरे भाभी पेंट के ऊपर से मेरे लण्ड को सहलाने लगीं… और फिर कुछ ही देर में लण्ड को पेंट से निकालकर चूसने लगीं।

फिर हम दोनों उसी हालत में बेडरूम में चले गये और मैंने एक एक करके सुजाता  के सभी कपड़ों को खोल दिया।फिर मैंने उसको पूरी नंगी कर दिया तो उसने शर्माकर चादर ओढ़ लिया. फिर में चादर हटाने लगा तो वो बोली कि लाईट बंद कर दो, लेकिन मैंने लाईट बंद नहीं की. फिर मैंने उससे कहा कि मेरे कपड़े निकालो, तो वो बोली कि शर्म आ रही है. फिर में अपने कपड़े निकाल कर नंगा हो गया और उसकी चादर एक झटके में खींच ली.

अब उसने अपनी आँखें बंद कर ली और लेट गई, अब मैंने उसको नंगी देखा तो देखता ही रह गया, वो क्या मस्त गजब की सुंदर है? 32 साईज़ के बूब्स कसे हुए, लाल निप्पल, गोरा रंग, गुलाबी चूत. अब उसको देखते ही मेरा लंड सलामी देने लगा, फिर में उसके पास गया और उसके होंठो पर किस करने लगा और उसके जिस्म पर अपना हाथ फैरने लगा. फिर मैंने उसके गाल पर किस किया और उसके बूब्स को मसलने लगा, अब वो बहुत गर्म होने लगी थी.अप ये स्टोरी काम रस हिंदी डोट कम में पढ़ रहे है .

फिर मैंने उसके हाथ में अपना 8 इंच लंबा और 3 इंच मोटा लंड पकड़ा दिया, तो वो एकदम से घबरा कर बोली कि जीजा जी ये क्या है? इतना लंबा मोटा, में तो मर ही जाऊँगी, में ये नहीं ले पाऊँगी, मेरे पति का तो इससे बहुत छोटा है, उसका तो 5 इंच लंबा और पतला है और फिर वो बार-बार मना करने लगी. फिर मैंने उसको कहा कि जितना लंबा मोटा होता है उतना ही ज्यादा मजा आता है एक बार लेकर तो देख, फिर बताना तुमको कैसा लगा? और अपने लंड को उसके मुँह के पास लगाया.

वो बोली कि उसने आज तक चूसा नहीं है, गंदा लगता है. फिर में उसको थोड़ा और गर्म करने लगा, उसके बूब्स को मुँह में लेकर चूसने लगा, बॉडी पर हाथ फैरने लगा, उसकी गांड को सहलाने लगा. अब वो बहुत ज्यादा गर्म होने लगी थी और उम्म्म्म आअहह करने लगी थी. फिर मैंने अपनी जीभ उसकी चिकनी चूत में डाल दी और चूसने लगा. फिर वो बोली कि जीजा जी क्या कर रहे हो? में मर जाऊँगी इतना मजा आ रहा है. फिर मैंने अपना लंड उसके होंठो से लगाया और वो मेरे लंड को अपने मुँह में लेकर चूसने लगी और में भी अपनी जीभ को उसकी चूत में अंदर बाहर करने लगा और उसकी चूत के दाने को बीच-बीच में हल्का सा काट देता, तो वो सहम उठती.

फिर 5 मिनट के बाद उसका शरीर अकड़ने लगा और उसकी चूत ने रस निकाल दिया और फिर मैंने उसकी चूत का सारा रस पी लिया. फिर मैंने उससे पूछा कि कैसा लगा? तो वो बोली कि जीजा जी बहुत मस्त मजा आया, आज पहली बार चूत से रस निकला है. फिर दोबारा से में उसके बूब्स को दबाने लगा और निप्पल को चूसने लगा, काटने लगा तो वो उम्म्म आहह करने लगी और वो फिर से गर्म हो गई. फिर मैंने उसकी टांगो को अपने कंधो पर रखा और उसकी चूत पर अपना लंड लगाया और जोर से एक झटका दिया तो मेरे लंड का टोपा उसकी चूत के अंदर चला गया. अब उसको दर्द होने लगा था. फिर वो बोली कि इतना ही जाएगा जीजा जी प्लीज निकाल लो, अब चूत के अंदर से रस निकलने के कारण उसकी चूत चिकनी हो गई थी.अप ये स्टोरी काम रस हिंदी डोट कम में पढ़ रहे है .

फिर मैंने एक झटका मारा और मेरा आधा लंड उसकी चूत के अंदर चला गया. अब मुझे पता था कि वो चिल्लाएगी इसलिए मैंने उसके होंठो को अपने होंठो से लॉक कर दिया था. अब वो गू गू करने लगी थी और उसकी आखें भर आई थी.

फिर मैंने देर ना करते हुए एक और झटका मारा और मेरा पूरा लंड उसकी चूत को फाड़ता हुआ अंदर जाकर टकराया. अब वो छटपटाने लगी, रोने लगी, उसकी आँखों से आसूं आने लगे और वो मुझे पीछे धक्का देने लगी, लेकिन मैंने उसको कस कर दबाए रखा और हिला नहीं. फिर 5 मिनट के बाद वो कुछ शांत हुई तब मैंने अपने होंठो को खोला तो वो बोली कि जीजा जी बहुत दर्द हो रहा है, मेरी जान निकल गई, बहुत लंबा मोटा है, निकाल लो जीजा जी प्लीज, निकाल लो में आपका लंड नहीं ले पाऊँगी.

फिर मैंने कहा कि वो ऐसा मजा देता है क्या? तो वो बोली कि नहीं. फिर मैंने अपने लंड को हिलाना शुरू किया और अपना पूरा लंड बाहर निकाल कर एक ही झटके में पूरा उसकी बच्चेदानी तक डाल दिया, तो वो ज़ोर से चिल्लाई उउई माँ में मरररर गई रे, निकाल लो में मर जाऊँगी, कहाँ फंस गई? इतना लंबा मोटा है प्लीज निकाल लो, माँ मुझे बचा लो में मर जाऊँगी.

फिर में धीरे-धीरे अपने लंड को अंदर बाहर करने लगा और फिर 2-3 मिनट के बाद उसको भी अच्छा लगने लगा. फिर मैंने धक्के लगाने शुरू किए और उसका फिर से रस निकल गया. अब रस निकलने से उसकी चूत और ज्यादा चिकनी हो गई थी. फिर मैंने उसकी लगातार जोरदार चुदाई शुरू की और 10 मिनट तक लगातार उसको चोदा. अब उसका भी निकलने वाला था और फिर हम दोनों ने एक साथ अपना-अपना माल निकाला और सारा माल उसकी चूत के अंदर भर दिया.

फिर 5 मिनट तक में उसके ऊपर ही पड़ा रहा, फिर उठकर साईड में लेट गया और उससे पूछा कि कैसा लगा? तो वो बोली कि जीजा जी इतना मजा तो मैंने आज तक कभी नहीं लिया जितना आज आया है. फिर थोड़ी देर के बाद जब वो उठी तो उसकी चूत से रस निकल कर पैरो में बह रहा था. फिर मैंने उसको ड्रेसिंग अलमारी के कांच में देखने को कहा, तो वो अपने आप को कांच में देखकर शर्मा गई और बोली कि जीजा जी कितना सारा माल निकालते हो और अपनी चूत का छेद देखकर दंग रह गई, उसकी चूत डबल रोटी की तरह फूल गई थी. फिर उसने बाथरूम में जाकर सारी सफाई की और अपनी चूत को गर्म पानी से साफ़ किया. फिर वो अपने कपड़े पहनकर मेरे पास आकर बैठ गई. फिर मैंने उसको दर्द की गोली दी और बोला कि थोड़ी देर में दर्द कम हो जायेगा. अब जब भी मौका मिलता है तो में उसकी जमकर चुदाई करता हूँ.

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