रसीला भाभी की रसीला चुतर की मजा लिया

प्रेषक : अरुण …

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम अरुण है। आज में आपको एक गाँव की कहानी बताने जा रहा हूँ। ये उन दिनों की बात है, जब में एक कंपनी में सेल्स रेप्रेज़ेंटेटिव था और मेरा राजकोट और जामनगर के सभी गाँवो में जाना होता रहता था। फिर एक दिन में मेरे डिसट्रिब्युटर के साथ जामनगर में गया था।Hot hindi story,desi sex story,adult sexstory,hot story hindi ,saxy khani ,sax kahani,saxy khaniya फिर हम एक दुकान पर गये, वहाँ दुकानदार और उसकी बीवी दोनों बैठे थे। अब में दुकानदार को नमस्कार करने के बाद अपने प्रॉडक्ट्स के बारे में बता रहा था। तो उसने कहा कि सर हम आपकी कंपनी के हर प्रॉडक्ट अपनी दुकान में बेचते है, लेकिन हमें इसमें कोई खास प्रॉफिट नहीं मिलता है। तो मैंने उसका नाम पूछा, तो वो बोले कि मेरा नाम राजूभाई है और मेरी पत्नी कृष्णा, तो मैंने नमस्ते किया।

फिर कृष्णा बोली कि सर आप कुछ स्कीम कर दे तो और इतना बोलकर उसने मेरी तरफ मतलबी स्माइल दी। तो मैंने भी इंप्रेशन जमाते हुए कहा कि ओके, अब भाभी ने कहा है तो कुछ तो करना पड़ेगा। फिर मैंने उनको 10% की स्कीम दे दी, तो राजूभाई बोले कि सर ठंडा पिएँगे? तो मैंने कहा कि क्यों नहीं? आप प्यार से पिलाएँगे तो जहर भी पी लेंगे और फिर मैंने कृष्णा की तरफ देखा, तो उसने फिर से सेक्सी स्माइल दी। फिर राजूभाई कोल्ड ड्रिंक्स लेने चले गये और मैंने अख़बार लिया और पढ़ने लगा। फिर मैंने पेन लेकर अपना मोबाईल नंबर उस पर लिख दिया और कृष्णा की तरफ देखा और उसके सामने अख़बार रख दिया, तो उसने देखा कि मैंने नंबर लिखा है। फिर राजू भाई कोल्डड्रिंक लेकर आए, तो मैंने कोल्डड्रिंक पी और फिर हम वहाँ से चले आए।

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फिर शाम को 6 बजे मेरे मोबाईल की रिंग बजी तो मैंने देखा कि वो जामनगर का नंबर था, तो मैंने फोन रिसीव किया। तो तभी सामने से औरत की आवाज आई हैल्लो में कृष्णा बोल रही हूँ। तो मैंने कहा कि बोलिए और कोई स्कीम चाहिए है? तो वो बोली कि आपने मुझे नंबर क्यों दिया? तो मैंने कहा कि मैंने सिर्फ़ लिखा था, आपने लिया क्यों? बोलिए में आपकी क्या सेवा कर सकता हूँ? तो वो बोली कि फोन पर ही सेवा करेंगे? तो मैंने बोला कि आप जैसा कहो। तो वो बोली कि कही मिलो। तो मैंने कहा कि ओके जैसा तुम कहो, कहाँ मिले? तो वो बोली कि जामनगर से बाहर कहीं कल सुबह जूनागढ़ ज़ू में। तो मैंने कहा कि ओके। फिर दूसरे दिन सुबह 9.30 बजे में जूनागढ़ जू में गया और थोड़ी देर बैठा रहा। तो तभी मेरे फोन की रिंग बजी, तो मैंने फोन रिसीव किया। तो सामने से कृष्णा बोली कि कहाँ हो? तो मैंने कहा कि जू में। तो वो बोली कि ओके, में आ रही हूँ। फिर थोड़ी देर के बाद मैंने देखा कि वो सामने से आ रही थी, गुजराती साड़ी में उसका बदन बहुत सेक्सी लग रहा था। दोस्तों ये कहानी आप kamras hindi डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

sax khani अब मुझे उसकी साड़ी के पार उसकी नाभि साफ़-साफ़ दिख रही थी। तो तभी मैंने कहा कि बोलो भाभी यहाँ आपको कौनसी स्कीम दूँ? तो वो बोली कि मज़ाक छोड़ो और मुझे यहाँ भाभी मत कहो। तो मैंने कहा कि ओके, तो बोलो क्यों बुलाया मुझे? तो वो बोली कि एक जवान औरत किसी मर्द को क्यों बुलाती है? क्या तुम्हें नहीं पता है? तो मैंने कहा कि नहीं मुझे नहीं पता है, मुझे किसी ने आज तक ऐसे बुलाया नहीं है। फिर उसने मेरे कंधे पर मुक्का मारकर कहा कि मज़ाक बंद करो, कल तुम्हें देखते ही मेरा दिल तुम पर आ गया था, बोलो में तुम्हें पसंद हूँ? तो मैंने कहा कि तुम पसंद ना होती तो तुम्हें नंबर ना देता और उसके होंठो पर किस कर दिया। तो तभी वो बोली कि यहाँ नहीं सब देख रहे है, तुम मुझे किसी होटल में ले चलो, वहाँ मुझे जितना प्यार करना हो करना। तो तब में उसे एक अच्छे होटल में ले गया। अब होटल में ले जाकर मैंने उसे अपनी बाँहों में भर लिया था और किस करने लगा था, उसके होंठ इतने सेक्सी थे कि मेरा उन्हें छोड़ने का मन नहीं कर रहा था। अब वो भी गर्म होती जा रही थी।

फिर उसने मेरी शर्ट के बटन खोल दिए, तो फिर मैंने भी उसे नंगा कर दिया। अब में उसके 36 साईज के बूब्स चूसने लगा था। अब वो गर्म हो गयी थी। फिर मैंने उसे पलंग पर लेटा दिया और उसकी चूत को चाटने लगा। अब मुझे बहुत मज़ा आ रहा था। अब मैंने उसे इतना गर्म कर दिया था कि तभी वो बोली कि अरुण जल्दी से मुझे चोद डालो, मेरी प्यास बुझा दो, अरुण प्लीज। अब में उसके दोनों पैरो के बीच में आ गया था और उसकी चूत में अपना लंड डाल दिया था। फिर तभी वो चीख पड़ी, लेकिन मैंने उस पर ध्यान नहीं दिया। अब में ज़ोर-ज़ोर से धक्के लगाने लगा था। अब उसकी बॉडी थोड़ी देर में ही अकड़ने लगी थी। अब में समझ गया था कि वो झड़ने वाली है और फिर थोड़ी देर के बाद वो शांत हो गयी। लेकिन मेरा अभी कहाँ ख़त्म हुआ था? तो मैंने धक्के लगाना जारी रखा saxy storis

फिर में करीब 20 मिनट तक धक्के लगाता रहा। अब वो इस दौरान 3 बार झड़ चुकी थी। अब में भी झड़ने वाला था तो मैंने कहा कि कृष्णा में झड़ने वाला हूँ। तो वो बोली कि कोई बात नहीं करते रहो, अंदर ही झड़ना। तो थोड़ी देर के बाद में उसकी चूत के अंदर ही झड़ गया। अब में उसके ऊपर ही गिर गया था। फिर थोड़ी देर के बाद वो मेरे लंड को और में उसके बूब्स को सहलाने लगा, तो हम दोनों फिर से गर्म हो गये। फिर उसने मेरा लंड अपने मुँह में ले लिया और चूसने लगी और में उसके बूब्स दबाता रहा। फिर थोड़ी देर के बाद मैंने उसे खींचकर बेड पर फिर से लेटा दिया और उसकी चूत में अपना लंड डाल दिया। तो वो आआ, उुउऊहह करके सिसकारियाँ लेने लगी और बोली कि अरुण प्लीज और ज़ोर से चोदो मुझे। अब मैंने ज़ोर-ज़ोर से धक्के देने चालू कर दिए थे। अब वो एयाया, आह कर रही थी। अब मुझे बहुत मज़ा आ रहा था। hindi story hot अब उसकी आँखें बंद थी। फिर मैंने अपने मोबाईल से वीडियो रिकॉर्डिंग चालू कर दिया, उसकी चुदाई का रिकॉर्डिंग। अब 20-30 मिनट के बाद में झड़ने वाला था तो मैंने लंड बाहर निकाला और उसके मुँह में दे दिया, तो वो उसे चूसने लगी।

अब मैंने अपना पूरा माल उसके मुँह में डाल दिया था, तो वो उसे पूरा पी गयी। फिर हम दोनों बाथरूम में गये और नहाने लगे। अब वहाँ में उसके पीछे खड़ा होकर उसके बूब्स पर, तो कभी उसके पेट पर साबुन मलने लगा था। अब मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया था। अब मेरा लंड उसकी गांड पर टच हो रहा था। फिर में उसे घोड़ी बनाकर उसकी गांड में मेरा लंड डालने लगा तो मेरा सुपाड़ा अंदर जाते ही वो चीख पड़ी अरुण बहुत दर्द हो रहा है, प्लीज निकालो इसे, तुम मेरी चूत का भोसड़ा बना दो, लेकिन मेरी गांड मत मारो। फिर मैंने उसे अनसुना करके दूसरा धक्का दिया और अपना लंड उसकी टाईट गांड में डाल दिया और उससे बोला कि कृष्णा मेरी जान आज तो में तुझे रंडी की तरह चोदूंगा, जैसे जी में आएगा वैसे ही चोदूंगा और तेरी गांड भी मारूँगा, तुझे जितना चिल्लाना हो चिल्ला। अब वो आआआअ, आह कर रही थी और में उसकी गांड मारे जा रहा थाdesi kahani in hindi 

फिर 15 मिनट तक उसकी गांड मारने के बाद मैंने अपना लंड बाहर निकालकर उसकी चूत में डाल दिया। तो उसने आआहह करके राहत की सांस ली और बोली कि चोदो मुझे, में तुम्हारे लिए रंडी बनने को भी तैयार हूँ, में तुम्हारी रखेल तो बन ही गयी, आज से जब जी में आए मुझे चोदना। फिर बाथरूम में उसे चोदने के बाद हम दोनों नहाए और अपने-अपने कपड़े पहनकर खाना खाने चले गये। तो तभी वो बोली कि आज तुमने मेरी भूख मिटा दी। sax khaniya तो मैंने कहा कि तुम्हारी मिट गयी होगी, लेकिन मेरी नहीं, तुम खाना खाने के बाद फिर से होटल में जाकर तैयार रहना। तो वो हँसने लगी और बोली कि तुम पूरे के पूरे शैतान हो, मैंने तुम्हें मना किया। फिर उस दिन पूरा दिन उसको चोदने के बाद हम जामनगर वापस आ गये। फिर उसके बाद हर रविवार को हम ऐसे राजकोट या जूनागढ़ में मिलते और पूरा दिन इन्जॉय करते थे ।।

धन्यवाद …

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